रमज़ानुल मुबारक का आखिरी जुमा ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के लीडर इमाम खुमैनी रहमतुल्लाह अलैह की अपील पर दुनिया भर में क़ुद्स डे के नाम से मनाया जाता है। ईरान में माहे रमज़ान का यह आखिरी जुमा है और आज सुबह से ही देश के अलग अलग कोने में फिलिस्तीन की हिमायत और इस्राईल के खिलाफ बड़ी बड़ी रैलियां निकाली जा रही हैं।
इस साल की रैलियों का ख़ास नारा है "क़ुद्स इस्लामी दुनिया के इत्तेहाद का मरकज़ है और क़ुद्स आज़ादी की दहलीज़ पर है।" तेहरान समेत ईरान के एक हज़ार से ज़्यादा शहरों , क़स्बों और गांवों में क़ुद्स रैलयां शुरू हो चुकी हैं जिनमे करोड़ों लोग हिस्सा ले रहे हैं। तेहरान में आम लोगों के साथ साथ राजनेता, और फ़ौज के बड़े ऑफिसर्स ने भी इस रैली में हिस्सा लिया। रैली शुरू होने का वक़्त सुबह दस बजे तय किया गया था लेकिन शहर के अलग अलग हिस्सों में सुबह सवेरे से हाथों में बैनर और पोस्टर लिए लोगों की बड़ी तादाद मौजूद थी। ईरान के लग अलग हिस्सों से इन रैलियों को कवर करने के लिए कम से कम 4 हज़ार मीडियाकर्मी पहुंचे हुए हैं जिनमे 150 से अधिक विदेशी पत्रकार भी शामिल हैं।